Ramdhari Singh Dinkar

by Ramdhari Singh Dinkar

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राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर (1908-1962) शौर्य एवं सामाजिक पीड़ा के आवेश और पूर्ण स्वाधीनता की अभिलाषा के रचनाकार हैं। उनकी रचनाओं में भारतीय संस्कृति की यथार्थ तस्वीर दिखती है। आरंभिक समय से ही उन्होंने राष्ट्र के जीवन, राष्ट्र की संवेदना तथा समकालीन राजनीतिक चेतना में आ रहे परिवर्तनों को सजगता के साथ रूपायित किया। शुरू से अंत तक उनकी पक्षधरता शोषित–पीड़ित जनता के साथ रही। उनकी काल चेतना में वैसे समाज की कल्पना झलकती है जहाँ उत्पीड़न और असमानता की जगह न हो। शोषण मुक्त समाज का निर्माण उनका वैचारिक पक्ष था। उनके संपूर्ण रचना संसार में इन सभी प्रतिबद्धताओं की झलक दिखाई देती है। रामधारी सिंह दिनकरः संकलित निबंध शीर्षक यह पुस्तक संपूर्ण दिनकर के वैचारिक स्रोत को देखने की प्रेरणा देती है।

संकलक वीरेश कुमार का संपादन कौशल उनकी निपुणता और चयन की पटुता का परिचय देता है।

Title
ISBN
Author
PublisherNational Book Trust, India
Pages count225
File size4.9 Mb
eBook formatPaperback, (torrent)En
Book rating4.5 (2 votes)

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